ग्यारहवें विश्‍व हिन्‍दी सम्‍मेलन का मॉरीशस में शुभारंभ
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ग्यारहवां विश्व हिन्‍दी सम्‍मेलन मॉरीशस में शुरू हो गया है. विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने तीन दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया. इस अवसर पर सुषमा ने विश्व समुदाय से हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने का आह्वान किया.

ग्यारहवां विश्व हिन्‍दी सम्‍मेलन मॉरीशस में शुरू हो गया है. विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने तीन दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया. इस अवसर पर सुषमा ने विश्व समुदाय से हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने का आह्वान किया.

ग्यारहवें विश्व हिन्दी सम्मेलन की मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुई में शुरुआत हुई. सम्मेलन के आरंभ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए 2 मिनट का मौन रखा गया. सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण कुमार जगन्नाथ ने कहा कि भारत के महान सपूत और मॉरीशस के परम मित्र वाजपेयी जी के निधन से बहुत क्षति पहुंची है.

विश्व हिन्दी सम्मेलन के उद्घाटन वक्तव्य में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वाजपेयी जी को हिन्दी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में पहली बार हिन्दी में संबोधित करते हुए इस भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई.

मॉरीशस के प्रधानमंत्री और सुषमा स्वराज ने विश्व हिन्दी सम्मेलन में एक स्मारिका और दो डाक टिकटों को भी जारी किया. उद्घाटन सत्र के बाद वाजपेयी जी की याद में एक शोक सभा का भी आयोजन किया गया. साथ ही एक अन्य सत्र में भारत सहित 20 देशों के प्रतिनिधियों ने "हिंदी विश्व और भारतीय संस्कृति" से संबंधित आठ उप-विषयों पर विचार-विमर्श की शुरुआत की.

गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी और भारत के कई मंत्री भी इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं.

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